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जल दिवस

वर्ष 1993 से प्रतिवर्ष 22 मार्च को 'विश्व जल दिवस मनाया जाता है। • इस दिवस का उद्देश्य जल संकट और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जल की उपयोगिता जल जीवन का आधार तो है ही, साथ ही यह जीवन के विभिन्न आयामों से भी सम्बंधित है; अर्थशास्त्र संस्कृति पर्यावरण ऊर्जा वर्तमान विश्व स्वास्थ्य संगठन / यूनिसेफ (वर्ष 2021) के मुताबिक, वर्तमान में, 4 में से 1 व्यक्ति (विश्व में 2 अरब लोग) स्वच्छ पेयजल की कमी से जूझ रहे हैं। विश्व में 2.2 अरब लोगों को स्वच्छ जल की अनुपलब्धता है। संयुक्त राष्ट्र जल रिपोर्ट (2021) के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 44% घरेलू अपशिष्ट जल का सुरक्षित उपचार नहीं किया जाता है। ओईसीडी, 2012 के मुताबिक, वैश्विक जल माँग वर्ष 2050 तक 55% तक बढ़ने का अनुमान है। मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में जल संकट बढ़ने की उम्मीद है, जहाँ वैधिक जनसंख्या का 6% निवास करता है, जबकि विश्व के मीठे जल के संसाधनों का केवल 1% उपलब्ध है। भारत हालांकि भारत में विश्व की जनसंख्या का 16% है, लेकिन भारत के पास विश्व के ताजे जल संसाधनों का केवल 49% ही है। • केंद्रीय भूजल बोर्ड (वर्ष 2017) के मुताबिक, भारत के 700 में से 256 जिलों में भूजल स्तर 'गंभीर' है। भारत के तीन-चौथाई ग्रामीण परिवारों की पेयजल तक पहुँच नहीं है और उन्हें असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा भूजल उपयोगकर्ता देश है। भारत के लगभग 70% जल स्रोत दूषित है और प्रमुख नदियाँ प्रदूषण के कारण सूख रही हैं। विश्व विश्वका केवल 3% जल ही ताजा जल है और इसका दो-तिहाई हिस्सा जमे हुए ग्लेशियरों में पाया जाता है जो मानव के उपयोग के लिए नहीं है। वर्ष 2050 तक 87 देशों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होने का अनुमान है। • विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट (वर्ष 2022) के मुताबिक, दूषित जल और इससे जुड़ी बीमारियों से हर वर्ष 1.4 मिलियन लोगों की मौत होती है और 74 मिलियन लोगों की जिंदगी संकट में है।भारत में उपयुक्त जल प्रबंधन के लिए कुछ पहलें # अटल भू-जल योजना • इस योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। • यह योजना पाँच वर्षों की अवधि (2020-21 से 2024-25) के लिए चल रही है। • इस योजना का उद्देश्य जल प्राथमिकता वाले 7 राज्यों गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जनभागीदारी के माध्यम से भू-जल प्रबंधन में सुधार लाना है। राष्ट्रीय जल नीति, 2012 • इसका एक उद्देश्य नदी के एक भाग को पारिस्थितिकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संरक्षित किया जाना है। • इसके दूसरे उद्देश्य के अनुसार, गंगा नदी में वर्ष भर जलस्तर को बनाए रखने के लिए एक स्थान पर पानी जमा होने बचाव करना है, जिससे नागरिकों को स्वच्छता और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पेयजल की आपूर्ति हो सके। . कैच द रेन: राष्ट्रीय जल मिशनइसका उदेश्य सभी स्थितियों के आधार पर जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बारिश के पानी संगृहीत करने के लिए वर्षा जल संचयन संरचना (RWHS) का निर्माण करना है। • इस अभियान के कार्यान्वयन के लिए प्रभावी प्रचार और सूचना, शिक्षा, संचार गतिविधियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर लोगों को भी शामिल करना है।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना • यह वर्ष 2015 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी 75:25% है, जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र व पहाड़ी राज्यों के मामले में यह हिस्सेदारी 90:10 है। इसके कुछ उद्देश्य निम्न है- 1. क्षेत्रीय स्तर पर सिंचाई में निवेश को बढ़ावा देना 2. सुनिचित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करना (हर खेत को पानी) 3. जल की बर्बादी को कम करने के लिए खेत पर जल उपयोग दक्षता में सुधार करना अन्य तथ्य • इस विश्व जल दिवस की शुरुआत 'संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन-2023' (न्यूयॉर्क) के साथ हो राही है। • यह सम्मेलन जल संकट और स्वच्छता का हल निकालने के लिए विश्व को एकजुट करने का एक बड़ा अवसर है। • वर्ष 2015 में विश्व के देशों ने '2030 एजेंडा' के तहत सतत विकास लक्ष्य (SDG)- 6 की पूर्ति के लिए संकल्प लिया था, जिसमें वर्ष 2030 तक सभी के द्वारा सुरक्षित जल और स्वच्छता के प्रबंधन के प्रयास शामिल भी सामील हे ,

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