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घर लौट प्रवासी को रोजगार

लॉकडाउन के कारण घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की दृष्टिगत से मिर्जापुर के जिला अधिकारी श्री सुशील कुमार पटेल ने खोला हेल्पलाइन नंबर, जो भी प्रवासी हो वाह सेवायोजन कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 05442--220 732 पर काल कर के  ले सकते हैं जानकारी l जनकारी के अनुसार जिले मे रोजगार मेला का आयोजन कर प्रवासी श्रमिकों को  रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा  l

उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती नाम के आगे टाइटल लगाने से भर्ती अधेड़ में!

  उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में 69 हजार असिस्टेंट टीचर्स की भर्ती में नये-नये विवाद लगातार सामने आते जा रहे हैं. विवादों की वजह से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भर्ती पर रोक लगा रखी है. इस भर्ती में कभी गलत सवाल पूछने के आरोप लगते हैं तो कभी शिक्षा मित्रों का विवाद सामने आता है. कभी फॉर्म भरने में गलतियों का मुकदमा कोर्ट पहुंचता है तो कभी गरीबों को दस फीसदी आरक्षण नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ने लगता है. ये विवाद अभी ठंडे भी नहीं हुए कि अब अपने नाम के साथ जनरल कैटेगरी के ब्राह्मण वर्ग की टाइटल लगाने वाली अभ्यर्थी को उसकी मार्कशीट में ओबीसी दिखाए जाने का नया विवाद सामने आया है. आजमगढ़ की अभ्यर्थी अर्चना तिवारी की मार्कशीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. वायरल मार्कशीट के साथ यह दावा किया जा रहा है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और लापरवाही की यह एक बानगी प्रyagrajज  में जब यह साफ हो गया कि गलती परीक्षा नियामक प्राधिकारी की नहीं है, बल्कि अभ्यर्थी अर्चना तिवारी ने खुद ही अपने फॉर्म में ओबीसी कैटेगरी का विकल्प चुना है तो मामला और उलझ गया. हमार...

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बाधा बने संसाधन

कोरोना महामारी के कारण छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन की प्रक्रिया बाधित हो गई है। स्कूल व कालेज बंद पड़े हैं। छात्रों के सामने अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है। छात्रों की समस्याओं को निजात दिलाने के लिए स्कूलों और कालेजों के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इन शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से वर्चुअल क्लास या व्हाट्सएप के माध्यम से शैक्षणिक प्रक्रिया प्रतिपादित की जा रही है। अभी हाल में राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया है। इस सर्वेक्षण से पता चला है कि 27 प्रतिशत छात्रों के पास स्मार्टफोन व लैपटॉप नसीब नहीं है। जबकि 28 प्रतिशत छात्र और अभिभावक बिजली में व्यवधान या कमी को पठन-पाठन में एक प्रमुख रुकावट मानते हैं। एनसीईआरटी के इस सर्वेक्षण में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और प्राचार्यों सहित 34000 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनका कहना था कि प्रभावी शैक्षणिक उद्देश्य के लिए उपकरणों के उपयोग की जानकारी की कमी तथा शिक्षकों में ...